क्या भारत और पाकिस्तान के बीच हो सकता है बड़ा युद्ध ? (ज्योतिष)

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वर्त्तमान मोदी सरकार की ज्योतिषीय कुंडली में चंद्रमा की क्रूर नक्षत्र में स्थिति पाकिस्तान या चीन के साथ करा सकती है युद्ध. जिस मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ व सरकार का गठन किया था, उस समय चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहा था. भरणी नक्षत्र उग्र स्वभाव वाला नक्षत्र है. यह अजीब संयोग है कि 16 मई 1996 को भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी ने शपथ ली थी उस समय भी चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहा था. वह वाजपेयी सरकार 13 दिन में लड़खड़ाके गिर गई.

क्या भारतऔर पाकिस्तान के बीच हो सकता है बड़ा युद्ध ? (ज्योतिष)
चंद्रमा के भरणी नक्षत्र में रविवार के दिन ही 21 फरवरी 1999 को वाजपेयी व नवाज की लाहौर घोषणा के कुछ महीने में भारत -पाक में कारगिल युद्ध हुआ. मोदी सरकार के शपथ के बाद चतुर्दशी रिक्ता तिथि व मंगलवार के दिन नवाज व मोदी के बीच हुई वार्ता के समय चंद्रमा भरणी नक्षत्र में गोचरस्थ था. परिणाम में पाक की तरफ से लगातार गोलाबारी होती रही. 5,दिसम्बर 2014 को कश्मीर घाटी में मोदी जी की २ चुनावी रैलीयों के पास आतंकी हमला हुआ. दो अन्य जगह भी पाक प्रशिक्षित आतंकियों ने भी हमला किया, जिसमें से एक उरी स्थित आर्मी कैम्प भी था. मोदी जी बस ट्विट पर निंदा कर गए.

मोदी शपथ की तुला लग्न की कुंडली के अनुसार वर्तमान में शुक्र की महादशा में सूर्य का अंतर चल रहा है. लग्नेश व महादशानाथ शुक्र लग्न पर गोचर कर रहे है. कुंडली के लग्न पर राहू जैसा पाप ग्रह कमजोर गृह मंत्रालय की स्थिति दिखा रहा है. प्रजा की प्रतिनिधि ग्रह चंद्रमा की स्थिति भी केतु के पाप प्रभाव में लग्नेश शुक के साथ सप्तम भाव में हो रही है. लग्न यानी सरकार व चंद्रमा यानी प्रजा दोनों ही आतंकी व महंगाई की मार से झुलस रहे हैं. एकादशेश सूर्य अष्टम भाव में अशुभ स्थिति में है. सूर्य की इस अंतर दशा में छुटपुट अथवा बड़े हमले में देश को एक विशेष क्षति दर्शा रहा है. कुंडली में चतुर्थ व पंचम भावेश शनि वक्री होकर लग्न में होकर एक विशेष राज योग बना रहे है, जो शत्रु आक्रमण का भरपूर जवाब देने के लिए सक्षम है परन्तु गोचर में प्रत्यंतर दशानाथ शनि वृश्चिक राशिस्थ होकर अंतर दशा नाथ सूर्य को पीड़ित कर रहे है.

कुंडली में द्वितीय भावेश होकर मंगल व्यय स्थान में है इसका अर्थ है कि सरकार की विभिन्न परियोजानाओं व सातवें भाव के कारण रक्षा बजट में सरकारी खजाने से भारी राशि का व्यय होगा. भारत पडौसी राज्य के किसी भी आक्रमण से निपटने में सक्षम है. तृतीयेश व षष्ठेश गुरु पडौसी राज्यों के साथ युद्ध व सीमा विवाद को कूटनीति से निपटाने में सफल रहेगा. गुरु की शुभ दृष्टि कन्या राशि से छठे भाव पर है जो छठे का स्वामी भी है. इसलिए वर्तमान में तो भारत को कोई बहुत बड़ा खतरा नहीं है. परन्तु अगले साल 2017 सितम्बर के माह में शुक्र -चन्द्र -शनि में पाकिस्तान या चीन के कब्जे वाले हिस्से से भारत की सुरक्षा पर आंच आने की संभावना है.

ग्रहों की स्थिति के अनुसार मार्च 2018 तक भारत हर प्रकार के आक्रमण में विजय रहेगा. मोदी की शपथ की नवांश कुंडली के छठे व बारहवें भाव में राहू-केतु, वक्री शनि व मंगल का दुष्प्रभाव है. जिससे विदेश से समर्थन में कुछ मतभेद हो सकते है. 2018 में देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा पर विशेष मंथन होगा. विरोधी दलों सत्ता पक्ष पर हावी होंगे. शपथ ग्रहण के समय मोदी जी कुंडली के छठे भाव में चंदमा की स्थिति राहू केतु और वक्री शनि का प्रभाव सरकार के पूरे कार्यकाल की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है.

आचार्य मदन सिंह, ज्योतिष व वास्तुविद 9910709290
आचार्य मदन सिंह,
ज्योतिष व वास्तुविद 9910709290
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