अचल सप्तमी को इस प्रकार करें भगवान सूर्यदेव की साधना! मिलेगा सुख-समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद

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Such a real Saptami to do the sadhana of Lord Surya! Happiness and prosperity will be blessed (11 फ़रवरी, 2019) : शास्त्रों और पुराणों के अनुसार ‘माघ मास’ के ‘शुक्ल पक्ष’ की सप्तमी को ‘अचला सप्तमी’ और ‘रथ सप्तमी’ कहा जाता है. इस बार यह 12 तारीख को है. पुराणों के अनुसार इस दिन ‘भगवान भास्कर’ यानी ‘सूर्यदेव’ की साधना-आराधना की जाती है. इस दिन सच्चे मन से की गई साधना से प्रसन्न होकर भगवान भास्कर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि एवं अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. इइसके अलावा भक्ति भाव से किए गए पूजन से प्रसन्न होकर प्रत्यक्ष देवता भगवान भास्कर अपने भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं, यही कारण है कि इसे ‘आरोग्य सप्तमी’ भी कहा जाता है.

अचल सप्तमी को इस प्रकार करें भगवान सूर्यदेव की साधना! मिलेगा सुख-समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद

सूर्य साधना करने की विधि

– अचला सप्तमी को सूर्योदय से पूर्व स्नान करके उगते हुए सूर्य का दर्शन एवं उन्हें ‘ॐ घृणि सूर्याय नम:’ कहते हुए जल अर्पित करें.

– साथ ही सूर्य की किरणों को लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल अर्पित करें.

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– सूर्य को जल देने के बाद लाल आसन पर बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके इस मंत्र का 108 बार जप करें.

”एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।”

अचल सप्तमी को इस प्रकार करें भगवान सूर्यदेव की साधना! मिलेगा सुख-समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद

– इस प्रकार की साधना से भगवान सूर्यदेव की कृपा मिलेगी और आपको सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्राप्त होगा. इस साधना का फल शीघ्र मिलने लगेगा और आपके अपयश दूर हो जाएंगे. इसके अलावा आपके शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होगा और आप सफलता के मार्ग पर बढ़ने लगेंगे.

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