क्या है गंगा नदी का महत्वता, क्यों कहा जाता है इसको मां गंगा? जानिए

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What is the significance of the Ganges river, why is it called the mother Ganga? Learn (20 दिसंबर, 2018) : हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ‘गंगा नदी’ अपने विशेष जल और विशेष गुण के कारण मूल्यवान मानी जाती है. गंगा जल को अपनी शुद्धता और पवित्रता को लम्बे समय तक बनाये रखता है. मान्यता है कि गंगा का जन्म ‘भगवान् विष्णु’ के चरणों से हुआ और यह ‘भगवान शिव’ की जटाओं में निवास करती हैं. गंगा स्नान, पूजन और दर्शन करने से पापों का नाश होता है, व्याधियों से मुक्ति होती है. जो तीर्थ गंगा किनारे बसे हुए हैं, वे अन्य की तुलना में ज्यादा पवित्र माने जाते हैं.

क्या है गंगा नदी का महत्वता, क्यों कहा जाता है इसको मां गंगा? जानिए

क्या है मां गंगा का वैज्ञानिक महत्व?

इस बात को हम अच्छे से जानते हैं गंगा का जल वर्षों प्रयोग करने पर और रखने पर भी ख़राब नहीं होता है. इसके जल के नियमित प्रयोग से रोग दूर होते हैं. हालांकि इन गुणों के पीछे का कारण अभी बहुत हद तक अज्ञात है. कुछ लोग इसे चमत्कार कहते हैं और कुछ लोग इसे जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद से जोड़ते हैं. विज्ञान भी इसके दैवीय गुणों को स्वीकार करता है. अध्यात्मिक जगत में इसको सकारात्मक उर्जा का चमत्कार कह सकते हैं.

गंगा जल से किस प्रकार विशेष प्रयोग करें जिससे लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त हो?

– हर सोमवार को शिव लिंग पर गंगा जल अर्पित करें.

– जल अर्पित करते समय या तो महामृत्युंजय मंत्र पढ़ते रहें.

– या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते रहें.

– शिव जी से आयु रक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करें.

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गंगाजल का प्रयोग गलतियों के प्रायश्चित के लिए किस प्रकार करें?

वस्त्र धारण करके ही ‘गंगाजल’ से या गंगा नदी में स्नान करें. कम से कम तीन बार डुबकी लगायें. बाहर निकल कर पुराने वस्त्र वहीँ छोड़ दें. नवीन वस्त्र धारण करें, गलतियों के लिए क्षमा याचना करें.अन्न या फल का दान करें.

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मनी मन्त्र

अगर घर का ज्यादा धन बीमारियों में खर्च होता हो तो कुछ धन अस्पताल में दान अवश्य करें.

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महाभाग्य के लिए करें महाउपाय

– बृहस्पतिवार के दिन गंगाजल मिलाकर पंचामृत बनायें.

“भगवान कृष्ण” को उससे स्नान करवाएं.

– फिर उसे प्रसाद के रूप में सभी लोग ग्रहण करें.

– घर में शुभता और समृद्धि आएगी.

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