WWE में पहुँची इंडिया की ‘लेडी खली’ कविता दलाल, बड़े बड़े पहलवानों को कर चुकी है चित्त

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हम आपको बता दे की ‘डब्ल्यू.डब्ल्यू.ई’. में धूम मचाने वाली किसान की बेटी ‘कविता दलाल’ देश की ऐसी पहली महिला है, जिन होने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जी जान लगा दी।

WWE में पहुँची इंडिया की 'लेडी खली' कविता दलाल, बड़े बड़े पहलवानों को कर चुकी है चित्त

मीडिया से रू-ब-रू होते हुए कविता ने कहा कि यहां तक के सफर में उनके परिवार व ससुराल वालों का अहम योगदान रहा है। आठ साल पहले शादी के बाद सास उमा ने उनसे कहा था कि घर का चूल्हा-चौका खुद हम खुद संभाल लेंगे, बस तुम अपने खेल पर ध्यान लगाओ।

बेटा पैदा होने के डेढ़ साल बाद वह फिर मैदान में उतर गई। सुबह-शाम ग्राउंड पर बेटे को साथ लेकर जाती थी। उसने कहा कि जब वो  प्रैक्टिस करती थीं, तब ननद उनके बेटे की संभालती थी।

प्रैक्टिस के दौरान जब कविता हॉस्टल में रहती थी तब उसका किराया उनके परिजन भेजते थे। कई बार उसे उधार भी लेने पड़ते थे, जिसको लेकर गांव के लोग तंज कसते थे। उनका कहना था कि लड़की शादी के बाद ससुराल चली जाएगी। यह कमाकर थोड़े खिलाएगी, लेकिन परिजनों ने किसी की नहीं सुनी। भाई संजय ने भी उसका साथ दिया।

कविता का कहना है कि जिस समय वह डब्ल्यू.डब्ल्यू.ई. में खेलने के लिए जा रही थी, सबके मन में वहां खेलने वाली पहलवानों की ड्रेस को देखकर सवाल था। उसने सबकी अटकलों पर विराम लगाते हुए भारतीय संस्कृति के साथ समझौता नहीं किया।

13 जुलाई की रात को हुई डब्लूडब्लूई, अगले पेज पर जारी है….->

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