Breaking News: 1993 मुंबई धमाकों में 24 साल बाद इंसाफ! सभी दोषियों को मिली है ये सजा..

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7 सितंबर, 2017 – 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम सहित पांच अन्य दोषियों पर मुंबई की विशेष टाडा कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है।

Breaking News: 1993 मुंबई धमाकों में 24 साल बाद इंसाफ! सभी दोषियों को मिली है ये सजा..

ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद को फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम अबु सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। हथियार सप्लाई के आरोपी करीमुल्लाह खान को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा के साथ 2 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं एक अन्य आरोपी रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है। पूरी सुनवाई के दौरान अबू सलेम सहित सभी दोषी अदालत में मौजूद रहे।

जुर्माना नहीं देने पर 2 साल की सजा अतिरिक्त भुगतनी पड़ेगी। मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मामले में विशेष टाडा अदालत ने अबू सलेम समेत छह आरोपियों को दोषी करार दिया था। हालांकि इन दोषियों में से एक मुस्तफा दौसा की मौत हो चुकी है।

LIVE अपडेट:

* फिरोज खान को सुनाई गई फांसी की सजा।

* कोर्ट ने मोहम्मद ताहिर मर्चेंट को सुनाई फांसी की सजा।

* रियाज सिद्दीकी को सुनाई गई 10 साल की सजा।

* टाडा कोर्ट ने अबु सलेम को सुनाई उम्रकैद की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना।

* करीमुल्लाह को सुनाई गई उम्रकैद की सजा। हथियार सप्लाई का दोषी था करीमुल्लाह। दो लाख का जुर्माना।

सीबीआई ने पांच दोषियों में से तीन को मृत्युदंड और अबू सलेम सहित दो को उम्रकैद की सजा देने की मांग की थी। 16 जून 2017 को कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, उसके भाई मोहम्मद दौसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, मर्चेंट ताहिर और करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया था।

मुंबई विस्फोट के 24 साल बाद अदालत ने अबु सलेम सहित छह लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। इन विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे और करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था।

मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे। इन धमाकों में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी।

इस मामले में 16 जून, 2017 को जस्टिस जीए सनप ने अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मर्चेंट को धमाकों का षडयंत्र रचने के लिए दोषी माना था जबकि एक अन्य आरोपी अब्दुल कयूम को इस मामले से बरी कर दिया था। इसमें मुस्तफा डोसा की मौत हो चुकी है।

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