अमरनाथ यात्रा : आतंकवादी हम पर अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे और पास में खड़े लोग मदद करने के बजाय हंस रहे थे

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12 जुलाई, 2017 – अमरनाथ यात्रा के दौरान हुई इस दिल दहला देने वाली घटना की देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा हो रही है। इस घटना से पूरा देश गुस्साया हुआ है।

अमरनाथ यात्रा : आतंकवादी हम पर अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे और पास में खड़े लोग मदद करने के बजाय हंस रहे थे
अमरनाथ यात्रा : आतंकवादी हम पर अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे और पास में खड़े लोग मदद करने के बजाय हंस रहे थे

आतंकियाें की अंधाधुंध फायरिंग से किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था तथा गोलियां चलने से एक-एक कर यात्री गिर रहे थे।इस भयंकर घटना के दौरान चार ऐसे लोग थे, जो खुद की जान की परवाह किए बगैर बस के यात्रियों की जिंदगी बचाने कूद पड़े।

गोलियां उनके शरीर को चीरकर निकलती रहीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 50 जिंदगियां बचा लीं। घायल यात्रियों का कहना है कि इन बहादुर जवानों ने बस का गेट बंद न किया होता तो कोई जिंदा नहीं बचता।

हादसे से बचकर लौटे यात्रियों की जुबानी सुनिए इन बहादुरों की कहानी…

मुकेश पटेल और हर्ष देसाई बस के गेट के पास बैठे थे। फायरिंग शुरू होते ही मुकेश के पास बैठे यात्री की मौत हो गई। फायरिंग करते आतंकी दौड़ते हुए बस के गेट की तरफ भागे तो मुकेश और हर्ष नीचे झुककर गेट बंद करने भागे। तभी दो गोलियां हर्ष के कंधे और हाथ पर लगीं। एक गोली मुकेश के गाल को चीरते हुए निकल गई। लेकिन दोनों ने रेंगते हुए बस का गेट लॉक कर दिया। इससे आतंकी अंदर नहीं घुस पाए।

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