अभी-अभी : सोपोर में आतंकवादियों ने किया IED ब्‍लास्‍ट! चार पुलिसकर्मयों की मौत..

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बारामूला: जम्मू कश्मीर के सोपोर में आतंकियों ने एक बार फिर हमला कर दिया। आतंकियों ने शनिवार की सुबह आईईडी ब्लास्ट किया। बताया जा रहा है कि इस आतंकी हमले जहां 4 पुलिसकर्मी शहीद हो गए तो वहीं दो गंभीर रूप से घायल हैं। यह ब्लास्ट सोपोर के गोल मार्केट में किया गया।

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पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुनीर खान ने बताया कि हमले में चार पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। इसके अलावा यह भी जानकारी दी कि आईईडी को एक दुकान के नीचे लगाया गया था, इस ब्लास्ट में तीन दुकानें बुरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। इस घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद‘ ने ली है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार सुबह 6 बजे सोपोर के गोल मार्केट में एक दुकान के पास आईईडी बिछाई गई थी. जैसे ही वहां से पुलिस पार्टी गुजरी तो उनको निशाना बनाकर विस्फोट कर दिया गया. आईईडी विस्फोट में चार पुलिस कर्मियों की मौत हो गई. इनकी पहचान डोडा के एएसआई इरशाद अहमद, कुपवाड़ा के कांस्‍टेबल मोहम्मद अमीन, सोपोर से कांस्‍टेबल  गुलाम नबी और हंदवाडा से कांस्‍टेबल मोहम्‍मद अमीन के रूप में हुई है.

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीटर पर इस हमले की तीखी आलोचना की है। महबूबा ने कहा कि सोपोर में आईईडी विस्फोट में चार पुलिसकर्मी के शहीद होने से काफी दुख पहुंचा है और मेरी सहानुभूति उनके परिवार के साथ है।

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ये घटना जम्मू कश्मीर विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत के बाद हुई है। गुरूवार को शुरू हुए सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने काफी हंगामा किया और राज्यपाल के संबोधन के बीच ही सदन से बाहर चले गए। वे सभी घाटी में अशांति को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

मामले को लेकर जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि “सोपोर से एक बहुत दुखद खबर है. जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के चार बहादुर पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए. भगवान उनकी आत्‍मा को शांति दे.”

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खबर है की अलगाववादियों ने सोपोर बंद का शनिवार को ऐलान किया था. गौरतलब है की सोपोर में 1993 में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. उसी बरसी पर सोपोर बंद का हर साल इसी दिन बंद रखा जाता है. बंद के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. आतंकवादियों ने योजनाबद्ध तरीके से पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने के लिए आईइडी बिछाई थी. इसके बाद आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया.

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आपको बता दे की इससे पहले भी 31 दिसंबर 2017 के दिन आतंकियों ने पुलवामा स्थित सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर पर हमला कर दिया था। जिसमें पांच सैनिक शहीद हुए थे। वहीं सेना के द्वारा जवाबी कार्रवाही में दो आतंकियों को ढेर किया गया था। आतंकियों ने सेंटर पर ग्रेनेड से हमला किया था। आतंकवादियों ने 31 दिसंबर के दिन करीब दो बजे अवंतीपुरा में स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 185वीं बटालियन के शिविर पर हमला किया था।

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