26 जनवरी से पहले बड़े आतंकी हमले की साज़िश का पर्दाफाश! ये था मास्टरप्लान..

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दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से गणतंत्र दिवस(26 जनवरी) पर के मौके पर बड़े आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यूपी पुलिस की एटीएस ने मथुरा के पास भोपाल-निजामुद्दीन शताब्दी एक्सप्रेस से संदिग्ध कश्मीरी आतंकी को धरदबोचा है। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी ने पूछताछ में अपने दो साथियों के दिल्ली में छिपे होने और आतंकी प्लानिंग की जानकारी भी दी। जिसने खुलासा किया कि, 26 जनवरी पर और अक्षरधाम मंदिर में पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है। संदिग्ध का नाम बिलाल अहमद वानी है।

26 जनवरी से पहले बड़े आतंकी हमले की साज़िश का पर्दाफाश! ये था मास्टरप्लान..
कश्मीरी आतंकी ‘बिलाल अहमद वानी’ Image Source

मथुरा से आतंकी की गिरफ्तारी के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आपको बता दें कि 30 वर्षीय आतंकी विलाल अहमद वानी कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है। आतंकी के पास छानबीन करने के बाद उसके पास भारतीय सेना से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

अनंतनाग निवासी बिलाल ने बताया कि वो और उसके दोस्त दिल्ली में 26 जनवरी के कार्यक्रम और अक्षरधाम मंदिर पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। यूपी ATS ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने भागने की पूरी कोशिश की और पूछताछ के दौरान किसी नुकीली चीज से अपने सीने पर वार कर खुद को लहूलुहान भी कर लिया।

वानी ने बताया कि उसके दो साथी दिल्ली के जामा मस्जिद के पास होटल अल राशिद में ठहरे हैं। यूपी पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और IB को इसकी जानकारी दी। 26 जनवरी से पहले दिल्ली में आतंकी हमले की जानकारी मिलने से स्पेशल सेल और IB की टीम जामा मस्जिद के जम जम गेस्ट हाउस और होटल अल राशिद पर रेड करने पहुंची। वहां से पता चला कि 3 जनवरी को ये लोग यहाँ आए थे और 6 जनवरी को रात 8:30 बजे होटल से निकल गए।

ऐसे पकड़ में आया संदिग्ध आतंकी

जीआरपी को खुफिया एजेंसियों से एक संदिग्ध कश्मीरी आतंकी के भोपाल शताब्दी में यात्रा करने का इनपुट मिला था। रविवार सुबह 8.30 बजे ट्रेन के यहां पहुंचते ही कोच-3 से अनंतनाग जिले के गांव बिलगांव का रहने वाला बिलाल अहमद वानी को जीआरपी ने दबोच लिया। उसके पास से अपना तथा एक महिला का आधार कार्ड और एक सिम मिला है। जीआरपी थाने में आर्मी इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंस ब्यूरो, लोकल इंटेलिजेंस, एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा और एटीएस ने उससे आठ घंटे पूछताछ की।

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अक्षरधाम मंदिर Image Source

इस दौरान वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा और गणतंत्र दिवस से पहले किसी घटना को अंजाम दिए जाने की प्लानिंग की भी जानकारी दी। वह अपने साथियों को उसका मास्टरमाइंड भी बता रहा था। उसने बताया कि वह दिल्ली में ड्राइविंग करता था, लेकिन फिर वहां से भाग निकला। गलत ट्रेन में बैठने के कारण वह मथुरा आ गया था। बाद में उसे एटीएस अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए ले गई।

पूछताछ के दौरान उसने किसी नुकीली वस्तु से अपनी छाती पर ताबड़तोड़ वार करके खुद को घायल कर लिया। इस पर पुलिस ने उसके दोनों हाथ पीछे बांध दिए। खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि वह एक जनवरी को दिल्ली आया था और उसने चार जनवरी को कनाट प्लेस से एटीएम से चालीस हजार रुपये भी निकाले थे। जीआरपी द्वारा पकड़े जाने से पहले ही ट्रेन के कोच सी-6 में टिकट कलक्टर (टीसी) द्वारा टिकट मांगने पर वह टिकट नहीं दिखा सका। इस शख्स की हरकतें टीटी को भी संदिग्ध लगी और फिर उन्होंने जीआरपी को इसके बारे में सूचना दी।

दिल्ली में होटल से भाग निकले संदिग्ध के साथी

जीआरपी के जवान कोच में घुसे और युवक को नीचे उतारने लगे तो उसने पुलिस से छूटकर भागने की कोशिश भी की। संदिग्ध युवक ने बताया की उसके दो साथी दिल्ली में छिपे हुए है, लेकिन उनके नाम नहीं बताए हैं। वह दिल्ली से भाग कर आने की जो कहानी बता रहा है, सुरक्षा एजेंसी अभी उस पर विश्वास कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार संदिग्ध आतंकी की निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में दो होटलों में उसके दो साथियों को पकड़ने के लिए दबिश दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों वहां से भाग निकले। जांच एजेंसी अब उन दोनों संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है। इन दोनों के होटल से फ़रार हो जाने से जांच एजेंसियों की नींद उड़ गई है। 26 जनवरी से पहले अक्षरधाम मंदिर पर हमला करने की साजिश की एक कड़ी तो पुलिस के हाथ लग गई है, लेकिन 2 अभी तक फ़रार हैं। स्पेशल सेल, यूपी ATS समेत IB संदिग्धों की तेजी से तलाश कर रही है।

 

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