लव जिहाद की शिकार बनी केरल की निमिषा ! लव जिहादियों ने पहले उसको फातिमा बनाया फिर फिदायीन बम

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नई दिल्ली : लव जिहाद की घटनाएँ केरल में रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हिंदू संगठनों के बाद अब ईसाई संगठन भी इस पर चिंता जता रहे हैं। कुछ दिन पहले केरल के सबसे बड़े चर्च साइरो मालाबार ने एक रिपोर्ट में बताया था कि लव जिहाद के नाम पर ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है। राज्य के कैथोलिक चर्च के एक वरिष्ठ पादरी ने राज्य की वामपंथी सरकार पर लव जिहाद को मूक सहमति देने का आरोप भी लगाया था। पादरी का कहना था कि राज्य सरकार लव जिहाद के मामलों की अनदेखी कर रही है। लव जिहाद में लड़कियों को फँसाकर उन्हें युद्धग्रस्त देशों में भेजा जा रहा है। वहाँ उनका ‘सेक्स स्लेव’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

लव जिहाद की शिकार बनी केरल की निमिषा ! लव जिहादियों ने पहले उसको फातिमा बनाया फिर फिदायीन बम
केरल में तेजी से बढ़ रहा है लव जिहाद

अब कुछ ऐसी ही चौंका देने वाली खबर सामने आई है। केरल में सज्जाद नाम के एक शख्स ने हिंदू लड़की निमिषा को प्रेम जाल में फँसाया। निकाह के बाद उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया। उसे फातिमा नाम दिया गया। जब वह गर्भवती हो गई तो सज्जाद ने उसे तलाक दे दिया। फिर एक मुस्लिम संगठन ने मदद के नाम पर उसका दोबारा निकाह करवाया। इसके बाद गर्भवती फातिमा फिदायीन बम बनाकर अफगानिस्तान भेज दी गई।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में खुलासा किया कि निमिषा को आतंकवादी बनाकर अफगानिस्तान भेजा गया और अब वह आईएसआईएस आतंकी होने के आरोप में काबुल की जेल में बंद है। इस बारे में जब इंडिया टीवी ने निमिषा (फातिमा) की माँ बिंदु से बात की तो उन्होंने उस दर्द को साझा किया जिसे वो अपनी बेटी के जाने के बाद से झेल रही हैं।

आपको बता दें कि साल 2016 से निमिषा लापता है। बिंदु ने इस बारे में बात करते हुए नम आँखों से बताया, “उस दिन से हमने उसको कॉल करने की कोशिश की। लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था, फिर हम राज्य सरकार के पास गए। उनको सारे कागजात दिखाए और तब से लेकर आज तक हमारा संघर्ष जारी है। इसके बाद हमने अपनी बेटी को तलाशने के लिए पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। वहाँ पर पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया कि डॉ. सज्जाद सलीम नाम के शख्स ने अपने परिवारवालों के साथ मिलकर मेरी बेटी का धर्म परिवर्तन कराया।”

लव जिहाद की शिकार बनी केरल की निमिषा ! लव जिहादियों ने पहले उसको फातिमा बनाया फिर फिदायीन बम

निमिषा अपने मन में डॉक्टर बनने का सपना संजोए थी। इसके लिए परिवारवालों ने लाखों खर्चा करके उसका एडमिशन एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में कराया, मगर उन्हें कहाँ पता था कि उनकी बेटी लव जिहाद का शिकार बन जाएगी। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि डॉक्टरी की पढाई पढ़ने गई निमिषा लव जिहाद का शिकार होकर फातिमा बनेगी और आईएसआईएस के लिए काम करने लगेगी। जब परिजनों को इसकी भनक लगी तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक निमिषा साल 2012 में धर्म परिवर्तन कर फातिमा बन गई। निमिषा की माँ ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “मेरी बेटी को बहकाया गया, उस पर दबाव डाला गया। ये सब उसी सज्जाद सलीम ने किया। वो भी उसी कॉलेज से MBBS कर रहा था। सज्जाद अपनी माँ और पूरे परिवार के साथ 2012 से मेरी बेटी से मिल रहा था। उसकी माँ ने कहा कि अगर तुम इस्लाम कबूल कर लो, तो मैं तुम्हारे परिवार से बात करूँगी और अपने बेटे से शादी करवा दूँगी। लेकिन मेरी बेटी की गलती यही थी कि उसने मुझे कुछ नहीं बताया। अगर उसने मुझे बताया होता तो मैं कुछ करती। उन्होंने जबरन शादी करवाई, उसे बाहर ले जाया गया। वो गर्भवती हो गई, तो उसे तलाक दे दिया।”

इसके बाद एक मुस्लिम संगठन ने निमिषा की मदद का आश्वासन दिया और फिर कनवर्टेड मुस्लिम से उसका निकाह करवाया। इसके बाद उसके मन में इस्लाम के लिए जान देने वाला जहर घोला गया और फिर यहीं से आईएसआईएस आतंकी बनाकर अफ़ग़ानिस्तान भेजने की साजिश रची गई।

आपको बता बता दें कि केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (KCBC) के प्रवक्ता ने फादर वर्गीज वल्लिकट्ट ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा था कि लव जिहाद सच्चाई है और ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करना इन्हें ‘मूक मंजूरी देने के समान’ है। वीडियो में पादरी ने कहा कि प्रेम के जाल में फँसाकर भगाई गई लड़कियों का पता लगाने के लिए कोई भी सरकार प्रभावी तरीके से जाँच नहीं करा रही है, जो कि बेहद चिंता की बात है।

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