संसदीय समिति की रिपोर्ट: पठानकोट हमले के लिए सुरक्षा एजेंसियां जिम्मेदार, ये खामियां बताईं

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3 मई 2016

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नई दिल्ली :  गृह मंत्रालय की संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में पठानकोट हमले के लिए सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराने के साथ-साथ उन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संसदीय समिति के चेयरमैन प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा है कि समिति यह नहीं समझ पा रही कि आखिर आतंकी पठानकोट तक कैसे पहुंचे, जबकि आतंकी हमला होने की आशंका के चलते पहले ही अलर्ट भेजा जा चुका था।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने हमले से निपटने के लिए सही से तैयारी नहीं की थी। उन्होंने पठानकोट एयरबेस के अधिकारियों से बातचीत की तो उन लोगों को कहना था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हो सकता है।

पको बता दें कि पठानकोट हमला 2 जनवरी 2016 को हुआ पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हुआ था, जो पूरी तरह से 5 जनवरी 2016 को खत्म हुआ। इस हमले में 7 सुरक्षा कर्मियों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। साथ ही हमला करने वाले 6 आतंकियों को मार गिराया गया था।

पार्लियामेंट्री कमेटी ने और क्या बताई खामियां…

– सांसदों के क्रॉस पार्टी पैनल ने होम मिनिस्ट्री पर निशाना साधा और कहा कि कंक्रीट और क्रेडिबल इटेंलिजेंस इनपुट्स होते हुए भी सिक्युरिटी एजेंसियां हमला नहीं रोक सकीं।
– रिपोर्ट में कहा गया, ”आतंकी हाई सिक्युरिटी वाले एयर बेस में आने में कामयाब रहे और एडवांस अलर्ट के बाद भी हमला कर सके।”
– ”आतंकी फेंसिंग और बीएसएफ की लगातार पैट्रोलिंग के बाद भी बॉर्डर के इस पार आ गए।”
– बता दें कि दो जनवरी को पंजाब के पठानकोट में एयरबेस पर 6 आतंकी घुसने में कामयाब हो गए थे। तीन दिन तक चले ओपन फायर में सात मिलिट्री पर्सनल शहीद हुए थे।
एयरबेस पर पाक टीम के दौरे पर भी उठाए सवाल
 – पठानकोट में पाकिस्तानी टीम के दौरे पर भी कमेटी ने सवाल उठाया है।
– कमेटी का कहना है कि सरकार को एयरबेस पर पाकिस्तानी अफसरों को आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए थी।
– 27 मार्च को पाकिस्तान से ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) आई थी जिसमें आईएसआई के अफसर थे। इस पर विरोधियों ने सवाल उठाए थे।
– एनआईए अफसरों की मौजूदगी में जेआईटी ने एयरबेस पर चश्मदीदों से बातचीत की थी।
रिपोर्ट पर सरकार ने क्या कहा?
 – इस रिपोर्ट से सरकार क्या सहमत है? इसके जवाब में मिनिस्टर किरण रिजिजू ने कहा, ”सवाल सहमत होने या नहीं होने का नहीं है। स्टैंडिंग कमेटी ने कुछ सवाल उठाए हैं, कुछ चिंताएं जताई हैं। हम सिक्युरिटी को लेकर किसी भी मैटर को सीरियसली लेते हैं।”
– ”जो भी चिंताएं जाहिर की गई हैं उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी। हम इसे लेकर कदम उठाएंगे।”
– ”सिक्युरिटी को लेकर स्टैंडिंग कमेटी के सुझावों को भी देखेंगे।”

भट्टाचार्य ने कहा कि अगर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सही कदम उठाए जाते तो स्थिति कुछ और होती। उनके अनुसार जब समिति पठानकोट पहुंची तो पाया कि एयरबेस की सुरक्षा मजबूत नहीं है। भट्टाचार्य ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जरूरी कदम उठाने की भी बात कही है।

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