भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए मेक्सिको, स्विट्जरलैंड से समर्थन

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मेक्सिको सिटी, 9 जून  भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए इसके दो महत्वपूर्ण सदस्यों मेक्सिको और स्विट्जरलैंड से समर्थन मिला है। मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निटो ने बुधवार को समर्थन जताते हुए कहा कि मेक्सिको एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएसजी में भारत को समर्थन के लिए राष्ट्रपति निटो का धन्यवाद दिया।

भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए मेक्सिको, स्विट्जरलैंड से समर्थन
भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए मेक्सिको, स्विट्जरलैंड से समर्थन

मोदी ने निटो के साथ वार्ता के बाद अपने भाषण में कहा, “मैं एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए मेक्सिको के सकारात्मक एवं निर्णायक समर्थन के लिए राष्ट्रपति निटो को धन्यवाद देता हूं।”

मोदी ने अपने यात्रा कार्यक्रम के आखिरी पलों में मेक्सिको और स्विट्जलैंड को भी शामिल किया था। पहले वह अफगानिस्तान, कतर और अमेरिका इन तीनों देशों की ही यात्रा करने वाले थे।

भारत के राजनयिक प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। स्विट्जरलैंड और मेक्सिको एनएसजी समूह में भारत की सदस्यता का समर्थन कर रहे हैं।

स्विट्जरलैंड ने छह जून को जेनेवा में एनएसजी में भारत की सदस्यता के प्रति समर्थन जताया था।

48 सदस्यीय एनएसजी की गुरुवार को बैठक होने जा रही है, जिसमें समूह में भारत की सदस्यता के लिए दिए गए आवेदन पर विचार हो सकता है।

भारत ने समूह का सदस्य बनने के लिए मई की शुरुआत में आवेदन दिया था।

भारत को एनएसजी का सदस्य बनने के लिए अमेरिका से भी समर्थन मिला है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान मंगलवार को सहयोग जताया था।

भारत को पहले से ही एनएसजी के अन्य प्रमुख देशों, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन से समर्थन मिल चुका है।

भारत के एनएसजी का सदस्य बनने के लिए चीन अब भी राह का रोड़ा बना हुआ है। चीन कहता है कि भारत को समूह का सदस्य बनने के लिए एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) पर हस्ताक्षर करने की जरूरत है।

भारत ने एनपीटी को भेदभावपूर्ण बताते हुए इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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